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व्हाट्सएप्प - भाग-5

दो दिलो के बीच पनपे प्यार की सच्ची कहानी पर आधारित

व्हाट्सएप्प - भाग-5

गतांक से आगे ....राधिका इस बात का कोई जवाब न दे सकी क्युकि मन ही मन प्यार तो वो भी करती ही थी पर मानने से मना कर रही थी फिर उसने सोच कर बताने को बोला और फ़ोन रख दिया तीन दिनों तक लगातार उन दोनों की बात न हुई, राधिका का गुस्सा थोडा कम हुआ और उसने सोचा की 'प्यार तो मै भी करती हूँ और श्याम ने तो केवल अपने प्यार का इज़हार किया है न की मुझसे पूछा है तो मतलब की उसको ये नहीं जानना है की मै क्या चाहती हूँ, पर उसने अपने दिल की बात बताई है, तो अगर मै चाहूँ तो बिना कोई उत्तर दिए इस दोस्ती को बरक़रार रख सकती हूँ, हाँ यही करुँगी |' उधर लगातार तीन दिनों से बात न होने के कारण श्याम की हालत ख़राब थी वो पढना-लिखना खाना पीना छोड़ कर शांत बैठा रहता था उसके दोस्त भी परेशान थे की इससे क्या हो गया है पर वो किसी को कुछ बताता ही नहीं था, तीसरे दिन दोपहर को अचानक मोबाइल बजा, राधिका उसको मैसेज तो करेगी नहीं, किसी और का मैसेज होगा ये सोच कर उसने ध्यान नहीं दिया पर थोड़ी देर बाद ही एक और मैसेज आया उसने फिर से ध्यान नहीं दिया फिर जब तीसरा मैसेज आया तो उसने अनमने भाव से मोबाइल उठाया, जैस एही उसने मैसेज देखा ख़ुशी और हैरानी से उछल ही पड़ा, सबसे पहले तो उसे ख़ुशी हुई कि राधिका ने आखिर तीन दिनों के बाद उसको मैसेज किया पर हैरानी हुई जब उसने राधिका का भेजा मैसेज पढ़ा 
राधिका  " मिठाई नहीं खिलाईयेगा क्या? "
राधिका  " बधाई हो "
राधिका  " बताया भी नहीं "
श्याम  " किस बात की मिठाई? आपके नाराज होने की? और क्या नहीं बताया ? "
राधिका  " चलिए बनिए मत ये बताइए की आप पार्टी कब दे रहे हैं? "
श्याम  " किस बात की पार्टी ये सब क्या हो रहा है, एक तो आप मुझे तीन दिनों के बाद मैसेज की और दुसरे मुझे इन अजीब सवालों से हैरान कर रहीं हैं  "
राधिका  " बात ही कुछ ऐसी है और वो बात भूल कर हम आगे बढ़ें तो अच्छा होगा "
श्याम  " ठीक है पर ये तो बताइए ये सब क्या है ? "
राधिका  " आपको सच्ची नहीं पता ? "
श्याम  " नहीं "
राधिका  " चलिए एक हिंट देती हूँ "
श्याम  " ठीक है "
राधिका  " आपने जो परीक्षा दिया था सालगिरह से एक दिन पहले ! "
श्याम  " हाँ दिया तो था पर उसका क्या "

श्याम को राधिका के मैसेज मिलने की ख़ुशी में ये याद ही नहीं रहा उसके उस परीक्षा का भी रिजल्ट आज सुबह आ गया था,पर उसने ये सोचकर कि मेरी तकदीर ही ख़राब है पास ही नहीं हुआ होऊंगा रिजल्ट ही नहीं देखा था,अगले भाग में जारी ....









देरी के लिए क्षमा:
आप सभी का जो भरपूर प्यार मिल रहा है उसके लिए दिल से शुक्रिया। 😍

दोस्तों कुछ जरूरी वजहों से यह भाग देर में लिख पाया, जिसके लिए मुझे क्षमा करें, आगे के भाग जल्द ही प्रकाशित होंगे, इस देरी की असली वजह आपको इस गाथा के अंतिम भाग में पता चलेगी तब तक कहानी के साथ साथ इस सस्पेंस का भी मजा लें।🙏🙏

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